Ravi Pushya Amrit Yog Muhutrat 2024-25 | रवि पुष्य अमृत योग

Ravi Pushya
Ravi Pushya जब रविवार (Sunday) के दिन पुष्य नक्षत्र होता है, तब रविपुष्यामृत योग (Ravi Pushya Amrit Yog) बनता है। रविपुष्यामृत योग (Ravi Pushya Amrit Yog) में किए गए कार्य सफल होते हैं। इसलिए लोग रविपुष्यामृत योग (Ravi Pushya Amrit Yog) में अपने नए कार्य का श्रीगणेश (God Ganesh) करना शुभ मानते हैं। वे इस अवसर पर अपना नए व्यापार का आरंभ, नई प्रॉपर्टी अथवा नया वाहन आदि ख़रीदते हैं। इसी नक्षत्र में धन व वैभव की देवी लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था। जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार (Thursday) एवं रविवार (Sunday) के दिन पड़ता है तो क्रमशः इसे गुरु पुष्यामृत योग (Guru Pushya Amrit Yog)और रवि पुष्यामृत योग (Ravi Pushya Amrit Yog) कहते हैं। ये दोनों योग धनतेरस, चैत्र प्रतिपदा के समान ही शुभ हैं। इस योग में विवाह जैसा शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। शास्त्रो में उल्लेखित है कि एक श्राप के अनुसार इस दिन किया हुआ विवाह कभी भी सुखकारक नहीं हो सकता।

रविपुष्य योग सन् : 2024-25

प्रारंभ काल – तारीख प्रारंभ काल – घं.मि. तारीख – समाप्ति काल समाप्ति काल – घं.मि.
09 जून रात्रि 08:21 से 10 जून सूर्योदय तक
07 जुलाई   सूर्योदय से 08 जुलाई   सूर्योदय तक
04 अगस्त सूर्योदय से 04 अगस्त   दोपहर 01:26 तक

Guru Pushya Amrit Yog Muhutrat 2024-25 | गुरु पुष्य अमृत योग

Guru Pushya

Guru Pushya

गुरुवार (Thursday) के दिन शुभ कार्यो एवं आध्यात्म से संबंधित कार्य करना बहोत ही शुभ एवं मंगलमय होता है। जब गुरुवार (Thursday) के दिन पुष्य नक्षत्र होता है, तब गुरु पुष्यामृत योग (Guru Pushya Amrit Yog) बनता है।

गुरु पुष्यामृत योग (Guru Pushya Amrit Yog ) में किए गए कार्य सफल होते हैं। इसलिए लोग गुरु पुष्यामृत योग (Guru Pushya Amrit Yog) में अपने नए कार्य का श्रीगणेश (God Ganesh) करना शुभ मानते हैं। वे इस अवसर पर अपना नए व्यापार का आरंभ, नई प्रॉपर्टी अथवा नया वाहन आदि ख़रीदते हैं।

इसी नक्षत्र में धन व वैभव की देवी लक्ष्मी (Devi Lauxmi) जी का जन्म हुआ था। जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार (Thursday) एवं रविवार (Sunday) के दिन पड़ता है तो क्रमशः इसे गुरु पुष्यामृत योग (Guru Pushya Amrit Yog) और रवि पुष्यामृत योग (Ravi Pushya Amrit Yog) कहते हैं। ये दोनों योग धनतेरस, चैत्र प्रतिपदा के समान ही शुभ हैं।

इस योग में विवाह जैसा शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। शास्त्रो में उल्लेखित है कि एक श्राप के अनुसार इस दिन किया हुआ विवाह कभी भी सुखकारक नहीं हो सकता।

गुरुपुष्य योग सन् 2024-2025

प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
26 सितंबर  रात्रि 11:34 से27 सितंबरसूर्योदय तक
24 अक्टूबर  सूर्योदय से25 अक्टूबरसूर्योदय तक
21 नवंबरसूर्योदय से21 नवंबरदोपहर 03:35 तक

Dwipushkar yog shubh muhurat | द्विपुष्कर योग (सन् 2024-2025)

shubh muhurat pushkar yog

shubh muhurat pushkar yog

‘द्विपुष्कर योग’ जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि दोगुना। ‘जी हां’  द्विपुष्कर योग में यदि किसी व्यक्ति को लाभ होता है तो है दोगुना होता है और यदि किसी कारणवश हानि हो जाती है तो वह भी 2 गुना ही होती है। अतः जितने भी हमारे शास्त्रों में अच्छे मुहूर्त और योग बताए गए हैं उनको दोगुना करने वाला योग द्विपुष्कर योग कहलाता है। इस युग में शुभ काम करने पर यह दोगुना लाभ प्रदान करता है।                                  

द्विपुष्कर योग सन् 204-2025

प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
16 मार्चशाम 04:06 से16 मार्चरात्रि 09:38 तक
26 मार्चदोपहर 02:57 से27 मार्चसूर्योदय तक
20 मईरात्रि 03:17 से20 मईसूर्योदय तक
23 जुलाईसूर्योदय से23 जुलाईसुबह 10:23 तक
11 अगस्तप्रातः 05:46  से 11 अगस्तप्रातः 05:49 तक
24 सितंबरसूर्योदय से24 सितंबरदोपहर 12:39 तक
17 नवंबरशाम 05:23 से17 नवंबररात्रि 09:06 तक
27 नवंबरप्रातः 04:35 से29 नवंबरसूर्योदय तक
07 दिसंबर  सुबह 11:07 से07 दिसंबरशाम 04:50 तक

सन – 2025

21 जनवरीसूर्योदय से21 जनवरीदोपहर 12:40 तक
16 मार्चसुबह 11:46 से16 मार्चशाम 04:58 तक
26 मार्चप्रातः 03:50 से26 मार्चसूर्योदय तक

 

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Tripushkar Yog | त्रिपुष्कर योग (सन् 2024-2025)

shubh muhurat teen guna labh dene wala yog
shubh muhurat teen guna labh dene wala yog ‘त्रिपुष्कर योग’ जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि तिगुना। ‘जी हां’  त्रिपुष्कर योग में यदि किसी व्यक्ति को लाभ होता है तो है तिगुना होता है और यदि किसी कारणवश हानि हो जाती है तो वह भी 3 गुना ही होती है। अतः जितने भी हमारे शास्त्रों में अच्छे मुहूर्त और योग बताए गए हैं उनको दोगुना करने वाला योग त्रिपुष्कर योग कहलाता है। इस युग में शुभ काम करने पर यह तिगुना लाभ प्रदान करता है।    

त्रिपुष्कर योग सन् 2024-2025

प्रारंभ काल – तारीख प्रारंभ काल – घं.मि. तारीख – समाप्ति काल समाप्ति काल – घं.मि.
14 अप्रैल रात्रि 01:35 से 15 अप्रैल सूर्योदय तक
20 अप्रैल दोपहर 02:05 से 20 अप्रैल रात्रि 10:42 तक
30 अप्रैल सुबह 07:06 से 01 मई प्रातः 04:09 तक
04 मई रात्रि 08:40 से 04 मई रात्रि 10:07 तक
18 जून दोपहर 03:57 से 19 जून सूर्योदय तक
23 जून शाम 05:04 से 24 जून रात्रि 03:26 तक
02 जुलाई सुबह 08:43 से 03 जुलाई प्रातः 04:40 तक
07 जुलाई प्रातः 04:27 से 07 जुलाई प्रातः 04:47 तक
21 अगस्त रात्रि 03:10 से 21 अगस्त सूर्योदय तक
25 अगस्त शाम 04:46 से 26 अगस्त सूर्योदय तक
23 अक्टूबर प्रातः 05:39 से 23 अक्टूबर सूर्योदय तक
29 अक्टूबर सूर्योदय से 29 अक्टूबर सुबह 10:32 तक
02 नवंबर रात्रि 08:23 से 03 नवंबर प्रातः 05:58 तक
17 दिसंबर सूर्योदय से 17 दिसंबर सुबह 10:56 तक
22 दिसंबर सुबह 06:15 से 22 दिसंबर दोपहर 02:32 तक

सन – 2025

 
01 जनवरी रात्रि 03:23 से 01 जनवरी सूर्योदय तक
05 जनवरी रात्रि 08:16 से 05 जनवरी रात्रि 08:18 तक
09 फरवरी शाम 05:54 से 09 फरवरी रात्रि 07:25 तक
25 फरवरी सूर्योदय से 21 फरवरी दोपहर 12:48 तक
01 मार्च सूर्योदय से 01 मार्च सुबह  11:22 तक

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Ravi Yog (Shubh Muhurat) | रवि योग (सन् 2024-2025)

Shubh muhurat

Shubh muhurat

रवि योग भी सर्वार्थसिद्धि योग की तरह सभी कार्यों के लिए शुभ (Shubh Muhurat) माने जाते हैं। रवि योग सभी बुरे अशुभ योगों को नष्ट करने की अद्भुत शक्ति रखता है। :- “कुयोग विध्वंस कराः शुभेषु’

रवि योग सन् 2024-2025

प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
17 मार्चशाम 04:48 से17 मार्चरात्रि 08:54 तक
18 मार्चशाम 06:11 से20 मार्चरात्रि 10:38 तक
23 मार्चप्रातः 04:28 से24 मार्चप्रातः 07:33 तक
30 मार्चरात्रि 10:04 से31 मार्चप्रातः 07:48 तक
31 मार्चरात्रि 10:57 से01 अप्रैलदोपहर 01:12 तक
11 अप्रैलरात्रि 03:06 से12 अप्रैलरात्रि 01:38 तक
13 अप्रैलरात्रि 00:41 से13 अप्रैलरात्रि 09:03 तक
14 अप्रैलरात्रि 00:50 से15 अप्रैलरात्रि 01:34 तक
17 अप्रैलप्रातः 05:16 से19 अप्रैलसुबह 10:56 तक
21 अप्रैलशाम 05:09 से22 अप्रैलरात्रि 07:59 तक
30 अप्रैलप्रातः 04:43 से01 मईप्रातः 04:09 तक
10 मईसुबह 10:47 से11 मईसुबह 07:01 तक
11 मईसुबह 10:16 से12 मईसुबह 10:26 तक
13 मईसुबह 11:24 से14 मईदोपहर 01:05 तक
16 मईशाम 06:13 से19 मईरात्रि 00:23 तक
21 मईप्रातः 05:47 से22 मईसुबह 07:46 तक
29 मईसुबह 08:39 से30 मईसुबह 07:31 तक
09 जूनरात्रि 08:21 से10 जूनरात्रि 09:39 तक
11 जूनरात्रि 11:39 से13 जूनरात्रि 02:12 तक
15 जूनसुबह 08:14 से17 जूनदोपहर 01:50 तक
19 जूनशाम 05:24 से 20 जूनशाम 06:10 तक
27 जूनसुबह 11:37 से28 जूनसुबह 10:10 तक
09 जुलाईसुबह 07:53 से10 जुलाईसुबह 10:15 तक
11 जुलाईदोपहर 01:05 से12 जुलाईशाम 04:08 तक
14 जुलाईरात्रि 11:07 से17 जुलाईरात्रि 02:13 तक
19 जुलाईरात्रि 03:26 से19 जुलाईरात्रि 11:10 तक
20 जुलाईरात्रि 02:56 से21 जुलाईरात्रि 01:48 तक
26 जुलाईदोपहर 02:31 से27 जुलाईदोपहर 12:59 तक
07 अगस्तरात्रि 08:31 से08 अगस्तशाम 04:34 तक
10 अगस्तरात्रि 02:45 से11 अगस्तप्रातः 05:48 तक
13 अगस्तसुबह 10:45 से15 अगस्तदोपहर 12:52 तक
18 अगस्तसुबह 10:16 से19 अगस्तसुबह 08:10 तक
24 अगस्तशाम 06:06 से 25 अगस्तशाम 04:45 तक
06 सितंबरसुबह 09:26 से07 सितंबरदोपहर 12:35 तक
08 सितंबरदोपहर 03:31 से09 सितंबरशाम 06:04 तक
11 सितंबररात्रि 09:22 से14 सितंबरसुबह 10:32 तक
16 सितंबरशाम 04:34 से17 सितंबरदोपहर 01:53 तक
22 सितंबररात्रि 11:03 से23 सितंबररात्रि 10:07 तक
05 अक्टूबररात्रि 09:34 से07 अक्टूबररात्रि 00:11 तक
08 अक्टूबररात्रि 02:26 से09 अक्टूबरप्रातः 04:08 तक
12 अक्टूबरप्रातः 05:26 से14 अक्टूबररात्रि 02:51 तक
15 अक्टूबररात्रि 10:09 से16 अक्टूबररात्रि 07:17 तक
22 अक्टूबरप्रातः 05:52 से23 अक्टूबरप्रातः 05:38 तक
24 अक्टूबररात्रि 00:42 से24 अक्टूबरसुबह 06:15 तक
04 नवंबरसुबह 08:04 से05 नवंबरसुबह 09:45 तक
07 नवंबरसुबह 11:48 से08 नवंबरदोपहर 12:03 तक
10 नवंबरसुबह 11:00 से12 नवंबरसुबह 07:52 तक
14 नवंबररात्रि 03:12 से15 नवंबररात्रि 00:33 तक
21 नवंबरदोपहर 03:36 से22 नवंबरशाम 05:09 तक
04 दिसंबरशाम 05:15 से05 दिसंबरशाम 05:26 तक
06 दिसंबरशाम 05:19 से07 दिसंबरशाम 04:50 तक
09 दिसंबरदोपहर 02:57 से11 दिसंबरसुबह 11:47 तक
13 दिसंबरसुबह 07:51 से14 दिसंबरप्रातः 05:47 तक
21 दिसंबररात्रि 03:48 से22 दिसंबरसुबह 06:14 तक

सन् – 2025

02 जनवरीरात्रि 11:11 से03 जनवरीरात्रि 10:21 तक
04 जनवरीरात्रि 09:24 से05 जनवरीरात्रि 08:17 तक
07 जनवरीशाम 05:51 से09 जनवरीदोपहर 03:07 तक
12 जनवरीसुबह 11:25 से13 जनवरीसुबह 10:38 तक
19 जनवरीशाम 05:31 से20 जनवरीरात्रि 08:30 तक
01 फरवरीसुबह 04:15 से02 फरवरीरात्रि 02:33 तक
03 फरवरीरात्रि 00:53 से03 फरवरीरात्रि 11:16 तक
05 फरवरीरात्रि 08:34 से06 फरवरीसुबह 07:48 तक
06 फरवरीरात्रि 07:30 से08 फरवरीशाम 06:07 तक
10 फरवरीशाम 06:01 से11 फरवरीशाम 06:34 तक
18 फरवरीसुबह 07:36 से19 फरवरीसुबह 10:40 तक
19 फरवरीदोपहर 12:26 से20 फरवरीदोपहर 01:30 तक
02 मार्चसुबह 09:00 से03 मार्चसुबह 06:39 तक
04 मार्चप्रातः 04:30 से04 मार्चशाम 06:39 तक
05 मार्चरात्रि 02:38 से06 मार्चरात्रि 01:08 तक
07 मार्चरात्रि 11:33 से09 मार्चरात्रि 11:55 तक
12 मार्चरात्रि 02:16 से13 मार्चप्रातः 04:05 तक
20 मार्च रात्रि 11:32 से22 मार्चरात्रि 01:45 तक

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Sarvarth Siddhi Muhurat | सर्वार्थ सिद्धि योग (सन् 2024-2025)

shubh muhurat
Sarvarth siddhi yog muhurat ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ – नाम से ही एहसास हो जाता है कि यह सभी काम सिद्ध करने के योग के बारे में है। आज के समय में एक अच्छा मुहूर्त निकालना बड़ा ही दुसाध्य काम है। यदि सही समय पर सही विद्वान न मिले तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। जिसका बाद में खामियाजा भुगतना पड़ता है। लोक व्यवहार की बोलचाल में कहा भी गया है। :- कि अच्छे समय में यदि कोई बुरा काम भी कर लेता है, तो भी व्यक्ति को वाहवाही मिल जाती है क्योंकि समय अच्छा है। पर यदि बुरे समय अर्थार्थ बुरे मुहूर्त में किया गया शुभ काम भी नुकसान दे जाता है। आप सबकी इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह मुहूर्त नाम से कॉलम बनाया गया है। इस कॉलम में आपको इस साल के सभी शुभ मुहूर्त मिल जाएंगे। कई बार गुरु और शुक्र अस्त चल रहा हो तो उस समय में पंडित जन मुहूर्त बंद बताते हैं क्योंकि शास्त्रों में बताया गया है कि जब भी गुरु और शुक्र अस्त हो जाते हैं। तब सभी शुभ काम बंद हो जाते हैं। संसार में ऐसे बहुत सारे काम होते हैं, जिन्हें करना अनिवार्य होता है और उनके लिए रुकना संभव नहीं हो पाता। इसीलिए शास्त्रों में इसका भी समाधान सर्वार्थ सिद्धि योग आदि मुहूर्तों के द्वारा किया जाता है। यदि किसी काम को जल्दी करने की स्थिति में कोई आवश्यक मुहूर्त नहीं मिल पा रहा हो तो व्यक्ति आंख बंद करके सर्वार्थ सिद्धि आदि योगों में अपना काम आरंभ कर सकता है। इन मुहूर्तों में गुरु – शुक्र अस्त, पंचक, भद्रा आदि किसी भी चीज का विचार करने की आवश्यकता नहीं है। यह अपने आप में ही सिद्ध मुहूर्त होते हैं। जो सभी कुयोगों को समाप्त करने की शक्ति रखते हैं। जैसे कि इनके नाम से ही स्पष्ट है। इन योगों के समय में कोई भी शुभ काम किया जाए तो वह सफल होता है। जैसे :- कहीं यात्रा पर जाना हो, गृह प्रवेश करना हो, कोई नया काम शुरू करना हो तो व्यक्ति इन मुहूर्तों में कर सकता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग सन् 2024-2025

प्रारंभ काल – तारीख प्रारंभ काल – घं.मि. तारीख – समाप्ति काल समाप्ति काल – घं.मि.
31 मार्च रात्रि 10:57 से 01 अप्रैल सूर्योदय तक
07 अप्रैल दोपहर 12:59 से 08 अप्रैल सूर्योदय तक
07 अप्रैल दोपहर 12:58 से 08 अप्रैल सूर्योदय तक
( 09 अप्रैल सुबह 07:33 से 10 अप्रैल सुबह 05:06 तक) मंगलवार
11 अप्रैल रात्रि 03:06 से 11 अप्रैल सूर्योदय तक
16 अप्रैल रात्रि 03:06 से 16 अप्रैल सूर्योदय तक
17 अप्रैल प्रातः 05:16 से 17 अप्रैल सूर्योदय तक
19 अप्रैल सुबह 10:57 से 20 अप्रैल सूर्योदय तक
21 अप्रैल सूर्योदय से 22 अप्रैल सूर्योदय तक ) रविवार
25 अप्रैल रात्रि 02:24 से 27 अप्रैल रात्रि 03:40 तक
28 अप्रैल सूर्योदय से 29 अप्रैल प्रातः 04:49 तक
05 मई सूर्योदय से 05 मई रात्रि 07:57 तक
( 07 मई सूर्योदय से 07 मई दोपहर 03:32 तक) मंगलवार
08 मई दोपहर 01:34 से 09 मई सूर्योदय तक
13 मई सुबह 11:24 से 14 मई सूर्योदय तक
14 मई दोपहर 01:06 से 15 मई सूर्योदय तक
17 मई सूर्योदय से 17 मई रात्रि 09:18 तक
19 मई सूर्योदय से 20 मई रात्रि 03:16 तक) रविवार
23 मई सुबह 09:15 से 24 मई सूर्योदय तक
26 मई सूर्योदय से 26 मई सुबह 10:35 तक
03 जून रात्रि 01:41 से 03 जून सूर्योदय तक
04 जून रात्रि 10:35 से 06 जून सूर्योदय तक
09 जून रात्रि 08:21 से 10 जून रात्रि 09:39 तक
11 जून सूर्योदय से 11 जून रात्रि 11:38 तक
( 16 जून सूर्योदय से 16 जून सुबह 11:12 तक) रविवार
19 जून शाम 05:24 से 20 जून शाम 06:10 तक
23 जून शाम 05:04 से 24 जून सूर्योदय तक
24 जून दोपहर 03:55 से 25 जून सूर्योदय तक
30 जून सुबह 07:35 से 01 जुलाई सूर्योदय तक
02 जुलाई सूर्योदय से 03 जुलाई प्रातः 04:40 तक
03 जुलाई सूर्योदय से 04 जुलाई प्रातः 04:07 तक
06 जुलाई प्रातः 04:07 से 06 जुलाई सूर्योदय तक
07 जुलाई सूर्योदय से 08 जुलाई सुबह 06:02 तक
09 जुलाई सूर्योदय से 09 जुलाई सुबह 07:52 तक
( 17 जुलाई सूर्योदय से 18 जुलाई रात्रि 03:12 तक) बुधवार
21 जुलाई सूर्योदय से 22 जुलाई रात्रि 00:14 तक
22 जुलाई सूर्योदय से 22 जुलाई रात्रि 10:21 तक
( 26 जुलाई दोपहर 02:31 से 27 जुलाई सूर्योदय तक ) शुक्रवार
28 जुलाई सूर्योदय से 28 जुलाई सुबह 11:45 तक
30 जुलाई सूर्योदय से 30 जुलाई सुबह 10:23 तक
31 जुलाई सूर्योदय से 01 अगस्त सूर्योदय तक
02 अगस्त सुबह 10:59 से 03 अगस्त सूर्योदय तक
04 अगस्त सूर्योदय से 04 अगस्त दोपहर 01:26 तक
11 अगस्त प्रातः 05:49 से 11 अगस्त सूर्योदय तक
( 14 अगस्त सूर्योदय से 14 अगस्त दोपहर 12:12 तक) बुधवार
18 अगस्त सूर्योदय से 18 अगस्त सुबह 10:15 तक
19 अगस्त सूर्योदय से 19 अगस्त सुबह 08:10 तक
22 अगस्त रात्रि 10:06 से 23 अगस्त रात्रि 07:54 तक) शुक्रवार
26 अगस्त दोपहर 03:56 से 27 अगस्त सूर्योदय तक
28 अगस्त सूर्योदय से 28 अगस्त दोपहर 03:53 तक
29 अगस्त शाम 04:40 से 30 अगस्त शाम 05:55 तक
07 सितंबर दोपहर 12:35 से 08 सितंबर सूर्योदय तक
09 सितंबर शाम 06:05 से 10 सितंबर सूर्योदय तक
14 सितंबर रात्रि 08:33 से 15 सितंबर सूर्योदय तक
19 सितंबर सुबह 08:05 से 21 सितंबर रात्रि 02:42 तक
23 सितंबर सूर्योदय से 24 सितंबर सूर्योदय तक) सोमवार
26 सितंबर सूर्योदय से 27 सितंबर सूर्योदय तक) गुरुवार
02 अक्टूबर दोपहर 12:23 से 03 अक्टूबर सूर्योदय तक
05 अक्टूबर सूर्योदय से 05 अक्टूबर रात्रि 09:33 तक
07 अक्टूबर सूर्योदय से 08 अक्टूबर रात्रि 02:25 तक
12 अक्टूबर प्रातः 05:26 से 13 अक्टूबर प्रातः 04:27 तक
15 अक्टूबर रात्रि 10:09 से 16 अक्टूबर सूर्योदय तक
17 अक्टूबर सूर्योदय से 18 अक्टूबर दोपहर 01:26 तक
21 अक्टूबर सूर्योदय से 22 अक्टूबर प्रातः 05:51 तक
24 अक्टूबर सूर्योदय से 25 अक्टूबर सूर्योदय तक
30 अक्टूबर सूर्योदय से 30 अक्टूबर रात्रि 09:43 तक
04 नवंबर सूर्योदय से 04 नवंबर सुबह 08:04 तक
08 नवंबर दोपहर 12:04 से 09 नवंबर सुबह 11:47 तक
12 नवंबर सुबह 07:56 से 13 नवंबर प्रातः 05:40 तक
14 नवंबर सूर्योदय से 15 नवंबर रात्रि 00:33 तक
( 16 नवंबर रात्रि 07:29 से 17 नवंबर सूर्योदय तक ) शनिवार
( 18 नवंबर सूर्योदय से 18 नवंबर दोपहर 03:48 तक ) सोमवार
( 21 नवंबर सूर्योदय से 21 नवंबर दोपहर 03:35 तक ) गुरुवार
24 नवंबर रात्रि 10:17 से 25 नवंबर सूर्योदय तक
06 दिसंबर सूर्योदय से 06 दिसंबर शाम 05:18 तक
10 दिसंबर सूर्योदय से 10 दिसंबर दोपहर 01:30 तक
12 दिसंबर सूर्योदय से 12 दिसंबर सुबह 09:52 तक
( 14 दिसंबर सूर्योदय से 15 दिसंबर रात्रि 03:54 तक ) शनिवार
21 दिसंबर रात्रि 03:58 से 21 दिसंबर सूर्योदय तक
22 दिसंबर सूर्योदय से 23 दिसंबर सूर्योदय तक
29 दिसंबर रात्रि 11:23 से 30 दिसंबर सूर्योदय तक

सन – 2025

05 जनवरी रात्रि 08:18 से 06 जनवरी सूर्योदय तक
( 07 जनवरी शाम 05:51 से 08 जनवरी सूर्योदय तक ) मंगलवार
( 11 जनवरी सूर्योदय से 11 जनवरी दोपहर 12:29 तक ) शनिवार
17 जनवरी दोपहर 12:45 से 18 जनवरी सूर्योदय तक
19 जनवरी सूर्योदय से 20 जनवरी सूर्योदय तक 
24 जनवरी प्रातः 05:09 से 24 जनवरी सूर्योदय तक
26 जनवरी सुबह 08:27 से 27 जनवरी सूर्योदय तक
02 फरवरी सूर्योदय से 03 फरवरी रात्रि 00:52 तक
04 फरवरी सूर्योदय से 04 फरवरी रात्रि 09:49 तक
05 फरवरी रात्रि 08:34 से 06 फरवरी सूर्योदय तक
10 फरवरी शाम 06:01 से 11 फरवरी सूर्योदय तक
11 फरवरी शाम 06:35 से 12 फरवरी सूर्योदय तक
14 फरवरी सूर्योदय से 14 फरवरी रात्रि 11:09 तक
(16 फरवरी सूर्योदय से 17 फरवरी प्रातः 04:31 तक) रविवार
20 फरवरी दोपहर 01:31 से 21 फरवरी सूर्योदय तक
23 फरवरी सूर्योदय से 23 फरवरी शाम 06:42 तक
02 मार्च सूर्योदय से 02 मार्च सुबह 08:59 तक
03 मार्च प्रातः 06:40 से 03 मार्च सूर्योदय तक
05 मार्च रात्रि 02:38 से 06 मार्च सूर्योदय तक
09 मार्च रात्रि 11:56 से 11 मार्च रात्रि 00:51 तक
11 मार्च सूर्योदय से 12 मार्च रात्रि 02:15 तक
( 16 मार्च सूर्योदय से 16 मार्च सुबह 11:45 तक ) रविवार
( 19 मार्च रात्रि 08:51 से 20 मार्च सूर्योदय तक ) बुधवार
20 मार्च सूर्योदय से 20 अप्रैल रात्रि 11:31 तक
24 मार्च प्रातः 04:19 से 24 मार्च सूर्योदय तक
25 मार्च प्रातः 04:27 से 25 मार्च सूर्योदय तक
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