Dwipushkar yog shubh muhurat | द्विपुष्कर योग (सन् 2021-22)

shubh muhurat pushkar yog

‘द्विपुष्कर योग’ जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि दोगुना। ‘जी हां’  द्विपुष्कर योग में यदि किसी व्यक्ति को लाभ होता है तो है दोगुना होता है और यदि किसी कारणवश हानि हो जाती है तो वह भी 2 गुना ही होती है। अतः जितने भी हमारे शास्त्रों में अच्छे मुहूर्त और योग बताए गए हैं उनको दोगुना करने वाला योग द्विपुष्कर योग कहलाता है। इस युग में शुभ काम करने पर यह दोगुना लाभ प्रदान करता है।                                  

द्विपुष्कर योग सन 2021 – 2022

 

प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
23 मईदोपहर 12:1324 मईरात्रि 03:39
01 जूनसूर्योदय से01 जूनशाम 4:07
25 जुलाईप्रातः 11:1826 जुलाईप्रातः 04:04
18 सितंबरसूर्योदय से18 सितंबरप्रातः 06:54 
28 सितंबर सूर्योदय से28 सितंबरशाम 6:17
21 नवंबरप्रातः 07:3621 नवंबरशाम 7:47
01 दिसंबररात्रि 2:1501 दिसंबरसूर्योदय तक
2022
प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
25 जनवरीसूर्योदय से25 जनवरीप्रातः 07:49
19 मार्चरात्रि 11:3820 मार्चप्रातः 10:07
29 मार्चसूर्योदय से29 मार्चप्रातः 11:28

 

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