Dwipushkar yog shubh muhurat | द्विपुष्कर योग (सन् 2026-2027)

shubh muhurat pushkar yog

shubh muhurat pushkar yog

‘द्विपुष्कर योग’ जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि दोगुना। ‘जी हां’  द्विपुष्कर योग में यदि किसी व्यक्ति को लाभ होता है तो है दोगुना होता है और यदि किसी कारणवश हानि हो जाती है तो वह भी 2 गुना ही होती है। अतः जितने भी हमारे शास्त्रों में अच्छे मुहूर्त और योग बताए गए हैं उनको दोगुना करने वाला योग द्विपुष्कर योग कहलाता है। इस युग में शुभ काम करने पर यह दोगुना लाभ प्रदान करता है। 

द्विपुष्कर योग सन् 2026-2027

प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
24 मार्चरात्रि 07:06 से25 मार्चसूर्योदय तक
07 जूनरात्रि 02:42 से07 जूनसुबह 07:55 तक
09 अगस्त   सुबह 11:06 से09 अगस्त   दोपहर 02:43 तक
11 अक्टूबर    रात्रि 09:32 से11 अक्टूबर    रात्रि 10:32 तक
05 दिसंबरसूर्योदय से05 दिसंबरसुबह 11:49 तक

सन् 2027

प्रारंभ काल – तारीखप्रारंभ काल – घं.मि.तारीख – समाप्ति कालसमाप्ति काल – घं.मि.
19 जनवरीशाम 06:55 से20 जनवरीप्रातः 04:41 तक
07 फरवरीरात्रि 11:28 से07 फरवरीरात्रि 11:48 तक
23 मार्चरात्रि 07:50 से24 मार्चसूर्योदय तक
03 अप्रैलसूर्योदय से03 अप्रैलदोपहर 02:41 तक

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