
‘त्रिपुष्कर योग’ जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि तिगुना। ‘जी हां’ त्रिपुष्कर योग में यदि किसी व्यक्ति को लाभ होता है तो है तिगुना होता है और यदि किसी कारणवश हानि हो जाती है तो वह भी 3 गुना ही होती है। अतः जितने भी हमारे शास्त्रों में अच्छे मुहूर्त और योग बताए गए हैं उनको दोगुना करने वाला योग त्रिपुष्कर योग कहलाता है। इस युग में शुभ काम करने पर यह तिगुना लाभ प्रदान करता है।
त्रिपुष्कर योग सन् 2026-2027
| प्रारंभ काल – तारीख | प्रारंभ काल – घं.मि. | तारीख – समाप्ति काल | समाप्ति काल – घं.मि. |
| 28 फरवरी | सूर्योदय से | 28 फरवरी | सुबह 09:35 तक |
| 14 अप्रैल | शाम 04:07 से | 15 अप्रैल | रात्रि 00:13 तक |
| 19 अप्रैल | सुबह 07:10 से | 19 अप्रैल | सुबह 10:50 तक |
| 28 अप्रैल | सूर्योदय से | 28 अप्रैल | रात्रि 10:36 तक |
| 03 मई | रात्रि 00:51 से | 03 मई | सुबह 07:10 तक |
| 16 जून | शाम 04:13 से | 17 जून | रात्रि 00:53 तक |
| 21 जून | सुबह 09:32 से | 21 जून | दोपहर 03:21 तक |
| 11 जुलाई | सूर्योदय से | 11 जुलाई | सुबह 11:03 तक |
| 25 अगस्त | सूर्योदय से | 25 अगस्त | सुबह 06:21 तक |
| 29 अगस्त | सुबह 09:58 से | 30 अगस्त | रात्रि 03:42 तक |
| 12 सितंबर | सुबह 07:47 से | 12 सितंबर | दोपहर 12:55 तक |
| 27 अक्टूबर | दोपहर 03:40 से | 28 अक्टूबर | प्रातः 04:07 तक |
| 31 अक्टूबर | शाम 04:58 से | 01 नवंबर | प्रातः 05:39 तक |
| 29 दिसंबर | दोपहर 03:44 से | 30 दिसंबर | सूर्योदय तक |
सन् 2027
| प्रारंभ काल – तारीख | प्रारंभ काल – घं.मि. | तारीख – समाप्ति काल | समाप्ति काल – घं.मि. |
| 03 जनवरी | शाम 04:09 से | 03 जनवरी | रात्रि 09:37 तक |
| 09 जनवरी | सूर्योदय से | 09 जनवरी | दोपहर 12:16 तक |
| 27 फरवरी | सूर्योदय से | 27 फरवरी | सुबह 11:40 तक |
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